Sunday

रात का नुकसान

होशियारी दिले-नादान बहुत करता है 
रंज कम सहता है, ऐलान बहुत करता है 

रात को जीत तो पाता नहीं, लेकिन ये चिराग़ 
कम से कम रात का नुकसान बहुत करता है

© इरफ़ान सिद्दीकी

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