हम सब मिल लायें नव-विहान
मुखरित नव कोंपल के समान
नव ऊर्जा-सी संचारित हो
तम हरे उदित नव अंशुमान
कर शब्द घोष, भर नाया जोश
भारत का कायाकल्प करें
आइये नया संकल्प करें
हों पंथ भले कंटकाकीर्ण
संकल्प शक्ति पर हो न जीर्ण
इसकी न महत्ता; कर न सके
हम अपने लक्ष्य को विदीर्ण
केवल इसका ही है महत्त्व
हम यत्नपूर्ण या अल्प करें
आइये, नया संकल्प करें
आचरणों की आदर्श लीक
समझा न कभी त्यागना ठीक
अनुगामी अपना रहा विश्व
हम बने सभ्यता के प्रतीक
हम करें पुनः ऐसे सुकृत्य
अनुसरण सदी, युग, कल्प करें
आइये नया संकल्प करें
-कमलेश शर्मा
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