Monday

पूरा हुआ वनवास

पूरा हुआ वनवास, शुभ दिन आया खास,
अयोध्या में प्रभु राम, आज ही पधारे हैं!
चहुँ ओर हर्ष शोर, गूँज उठी साँझ भोर,
रावण का वध कर, लंका को उबारे हैं!
सिया जी का थाम हाथ, लखन को लिये साथ,
भरत के आग्रह पे, राज को स्वीकारे हैं!
पुरुषों में उत्तम हैं, देवों में सर्वोत्तम हैं,
ऐसे श्री राम सबके,कारज सँवारे हैं!

-नन्दिनी श्रीवास्तव

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