KAVIGRAM
Monday
फिर से बच्ची हो जाऊँ
अक्ल की कच्ची मन की सच्ची हो जाऊँ
अच्छो से भी ज्यादा अच्छी हो जाऊँ
बड़े-बड़ो की दुनिया की दुश्वारी देख
मन करता है फिर से बच्ची हो जाऊँ
-कविता किरण
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