कुछ तो आएँगे काम रख लीजै
हमको अपना गुलाम रख लीजै
आप मेरे हैं कहिए, फिर मेरे
रोज़ ओ शब, सुबह ओ शाम रख लीजै
आप शायर हैं कौन मानेगा
नाम रखना है, नाम रख लीजै
मुझको बच्चा समझ रहे हैं क्या
अपने क़िस्से तमाम रख लीजै
बात दिल की कहें सलीक़े से
बाक़ी सब तामझाम रख लीजै
-संदीप शजर
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