KAVIGRAM
Sunday
चमन इस तरह सजा दो
जले दीप, फूल महके, चमन इस तरह सजा दो
मैं गगन उतार लूंगा, ज़रा तुम जो मुस्कुरा दो
ऐ हवाओं के झकोरो! कहाँ आग ले के निकले
मेरा गाँव बच सके तो, मेरी झोंपड़ी जला दो
-बेकल उत्साही
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment