Sunday

चमन इस तरह सजा दो

जले दीप, फूल महके, चमन इस तरह सजा दो
मैं गगन उतार लूंगा, ज़रा तुम जो मुस्कुरा दो
ऐ हवाओं के झकोरो! कहाँ आग ले के निकले
मेरा गाँव बच सके तो, मेरी झोंपड़ी जला दो

-बेकल उत्साही

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