Wednesday

लाड़ली मटक चली इस्कूल

बाहे बाल
गुही चोटी 
फिर उस पर बांधे फूल
लाड़ली मटक चली इस्कूल 

आगे वाली डेस्क के लिये
सरपट दौड़ लगाए
एक बार में दो-दो सीढ़ी
कूद-कूद चढ़ जाये
जो इसको कम आँके, समझो वो है मिस्टर फूल
लाड़ली मटक चली स्कूल

झटपट होमवर्क कर ले फिर
माँ का हाथ बँटाये
वो पहले से पहले, घर के
काम सभी निबटाये
चौकस रहे, नहीं हो जाये उससे कोई भूल
लाड़ली मटक चली इस्कूल

मम्मी की साड़ी पहने वो
मैडम जी बन जाये
कभी कोट-चश्मा पापा का 
पहन बहुत इतराये
हाथ पकड़ना भाई का भी
लगता उसे फ़िज़ूल
लाड़ली मटक चली इस्कूल

-संदीप शजर

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