Monday

प्यार के आँसू

नयन घन में घिरे आँसू
पुलक मन में गिरे आँसू
अमृत की धार होते हैं
किसी के प्यार के आँसू

विरह में सूख जाते हैं
मिलन में छलक आते हैं
प्रतीक्षा के कपोलों पर
अचानक ठहर जाते हैं
नदी में बाढ़ आये तो
धैर्य तट टूट जाये तो
जलधि का ज्वार होते हैं
किसी के प्यार के आँसू

पिया के संग में प्याला
मयक़दे में बने हाला
अंगुलियों से अगर छू दें
तो मोती की बने माला
लगा हो आँख में काजल
भीगता हो अगर आँचल
तो ये शृंगार होते हैं
किसी के प्यार के आँसू

पिया की याद आती हो
कोयलिया कूक जाती हो
कि धानी चूनरी ओढ़े
ग़ज़ल मधुरात गाती हो
कि दिल लिखता हो अफ़साना
छलक जाता हो पैमाना
तो फिर अभिसार होते हैं
किसी के प्यार के आँसू

-शिवसागर शर्मा

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