KAVIGRAM
Sunday
कुर्सी
अयोध्या की कुर्सी छोड़
राम, वन को चले गए
भरत ने राम की खड़ाऊँ को
कुर्सी मान पूजा
और आज
कुर्सी के लिए ऐसे लपकते हैं
मानो कुर्सी ही माई-बाप
कुर्सी ही पूजा
-बरसाने लाल चतुर्वेदी
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment